Delhi Protest: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में हिरासत के बाद रिहा हुईं नेहा बोरा, महिला पत्रकारों के आरोप पर CJP का प्रदर्शन



नई दिल्ली,

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआइएसए) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने बाद में रिहा कर दिया। उन्हें रविवार को हिरासत में लेकर नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाना ले जाया गया था। रिहाई के बाद उनके पास बैग और फोन नहीं होने की जानकारी सामने आई।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर अपनाई गई प्रक्रिया पर गंभीर सवाल हैं। प्रदर्शनकारी एसआइआर की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी विवाद सामने आया है। प्रदर्शन की कवरेज कर रही तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने इन शिकायतों को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी दी है। आरोपों की जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इसी मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने रविवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने महिला पत्रकारों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने और मामले में कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

इससे पहले प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और अन्य प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रदर्शनकारियों की ओर से जंतर-मंतर की तरफ मार्च करने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।

महिला पत्रकारों की शिकायतों के बाद पत्रकार संगठनों ने भी मामले में कार्रवाई की मांग की है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताते हुए शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

फिलहाल इस पूरे मामले में दो स्तरों पर घटनाक्रम जारी है। एक ओर एसआइआर और निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन जारी है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर लगाए गए कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही आरोपों पर आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

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