Flydubai FZ1073: कॉकपिट के अंदर हमला, 14 हजार फीट नीचे आया विमान; भारतीय कप्तान ने ऐसे संभाली स्थिति


न्यू दिल्ली,

दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को उस समय हड़कंप मच गया, जब उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई। घटना में भारतीय कप्तान स्मित मच्छर घायल हो गए और इसी दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। Reuters के अनुसार, विमान 30 सेकंड से भी कम समय में करीब 14 हजार फीट नीचे चला गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के ओमानी सह-पायलट ने कप्तान स्मित मच्छर पर हमला किया था। स्थिति बिगड़ने के बाद विमान से आपातकालीन संकेत भेजे गए। इसी दौरान कप्तान ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, ताकि दूसरे लोग अंदर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद कर सकें।

2 अक्टूबर को अबू धाबी के अस्पताल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉल पर बातचीत में कप्तान मच्छर ने पूरी घटना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमले के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों को अंदर पहुंचने का मौका मिला और उन्होंने सह-पायलट को काबू करने में मदद की।

स्थिति नियंत्रित होने के बाद विमान को तेल अवीव ले जाने के बजाय सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ दिया गया। फ्लाइट ने तबूक में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग की। इसके बाद यात्रियों को विमान से उतारा गया और घायल पायलट समेत संबंधित लोगों को चिकित्सा सहायता दी गई। बाद में यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव पहुंचाया गया।

कप्तान स्मित मच्छर को शुरुआती उपचार सऊदी अरब में दिया गया। बाद में उन्हें अबू धाबी ले जाया गया। 2 अक्टूबर को अस्पताल से उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर बातचीत की। प्रधानमंत्री ने इस दौरान उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और घटना के दौरान उनके निर्णय की सराहना की।

Reuters के मुताबिक, FZ1073 में 174 लोग सवार थे। हालांकि कुछ अन्य रिपोर्टों में यात्रियों और क्रू की संख्या 182 बताई गई है। कुल संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं।

घटना के बाद विमान में हुई हिंसा की वजह को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। इज़राइली अधिकारियों ने इसे विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखा है। वहीं, सह-पायलट की कथित विचारधारा और घटना के पीछे संभावित कट्टरपंथी मकसद को लेकर भी दावे सामने आए हैं। हालांकि जांच पूरी होने से पहले इन दावों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

हमले में इस्तेमाल वस्तु को लेकर भी शुरुआती रिपोर्टों में चाकू का जिक्र किया गया है। घटना की परिस्थितियों और इसके पीछे की वास्तविक वजह को लेकर जांच जारी है।

फ्लाइट FZ1073 की घटना ने विमान की कॉकपिट सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। एक ओर कॉकपिट की सुरक्षा व्यवस्था किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने से रोकने के लिए बनाई जाती है, वहीं इस मामले में संकट कॉकपिट के अंदर से ही पैदा हुआ।

30 सितंबर को हुई इस घटना के बावजूद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू की तत्काल प्रतिक्रिया के बाद फ्लाइट को सुरक्षित रूप से तबूक में उतारा जा सका। घायल होने के बावजूद कप्तान स्मित मच्छर द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश और यात्रियों-क्रू के हस्तक्षेप ने स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कॉकपिट में हमला क्यों हुआ, सह-पायलट की वास्तविक मंशा क्या थी और क्या इस घटना के पीछे किसी संगठित या आतंकवादी गतिविधि का संबंध था। इन सवालों का अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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