Maharastra News:- IIT बॉम्बे छात्र की मौत के बाद प्रोफेसर सस्पेंड, संस्थान ने मांगी माफी; परीक्षा विवाद पर उठे सवाल


मुंबई,

IIT बॉम्बे में 20 वर्षीय BTech छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद संस्थान ने बड़ी कार्रवाई की है। IIT बॉम्बे ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को तत्काल प्रभाव से प्रशासनिक पद से निलंबित कर दिया है। दूल्ला उस परीक्षा में इनविजिलेटर थे, जिसके बाद छात्र की मौत हुई। संस्थान ने मामले में अपने पहले के बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है।

परीक्षा में मोबाइल फोन मिलने का विवाद

रिपोर्टों के मुताबिक, साहिल वाकोडे दूसरे वर्ष के BTech छात्र थे। 20 सितंबर को आयोजित मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन मिलने की बात सामने आई थी। IIT बॉम्बे ने कहा था कि छात्र के खिलाफ तत्काल कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी और उन्हें काउंसलिंग दी गई थी।

वहीं, छात्र के परिवार और कुछ विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और उन्हें निलंबन की धमकी दी गई। इन आरोपों की पुलिस जांच जारी है। परिवार की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर दूल्ला और अन्य अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

IIT बॉम्बे ने पहले के बयान पर मांगी माफी

छात्रों के विरोध और परिवार की शिकायत के बाद IIT बॉम्बे ने अपने पहले के बयान पर माफी मांगी। संस्थान ने माना कि जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े तथ्यों को निश्चित रूप में पेश करना उचित नहीं था।

संस्थान ने कहा कि मामले की परिस्थितियां अभी संबंधित जांच एजेंसियों की जांच के अधीन हैं और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

प्रोफेसर पर FIR, जांच जारी

मुंबई पुलिस ने छात्र के परिवार की शिकायत के आधार पर प्रोफेसर दूल्ला का नाम FIR में शामिल किया है। परिवार ने कथित उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप भी लगाए हैं। IIT बॉम्बे ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।

प्रोफेसर दूल्ला को प्रशासनिक जिम्मेदारी से निलंबित किया गया है, लेकिन वे संस्थान में प्रोफेसर और ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख के रूप में कार्यरत रहेंगे। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर तय की जाएगी।

20 साल में IITs में 171 छात्र मौतें

इस घटना ने IITs में छात्रों की मानसिक सेहत और संस्थागत सहायता व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। उपलब्ध एक डेटासेट के अनुसार, जनवरी 2006 से सितंबर 2026 के बीच IITs में 171 छात्रों की मौत आत्महत्या या अन्य अप्राकृतिक कारणों से दर्ज की गई। यह आंकड़ा IIT कानपुर के पूर्व छात्र द्वारा RTI जवाबों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किए गए डेटासेट से आया है।

मार्च 2026 की एक अलग रिपोर्ट में भी पिछले दो दशकों में IITs में कम से कम 160 छात्र मौतों का आंकड़ा सामने आया था। अलग-अलग डेटासेट की पद्धति और अपडेट अवधि अलग होने के कारण आंकड़ों में अंतर है।

फिलहाल साहिल वाकोडे मामले में पुलिस और संस्थान की जांच जारी है। यह जांच ही तय करेगी कि परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम और छात्र की मौत के बीच क्या परिस्थितियां थीं और क्या किसी व्यक्ति या संस्थागत कार्रवाई की कोई कानूनी जिम्मेदारी बनती है।

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