जमुई,
बिहार के जमुई जिले में एक नाबालिग छात्रा और उसके साथ मौजूद नाबालिग छात्र को रास्ते में रोककर कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के मुताबिक अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
19 सितंबर की शाम की घटना
रिपोर्टों के अनुसार घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में हुई। बताया गया है कि दोनों नाबालिग कोचिंग से लौट रहे थे, तभी कुछ युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। इसके बाद दोनों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई और छात्र के साथ मारपीट भी हुई।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़ितों तक पहुंचकर उनके बयान दर्ज किए और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की। पुलिस के अनुसार करीब सात लोगों की पहचान जांच में सामने आई है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, POCSO के तहत केस
जमुई पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में दो की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है।
ADG लॉ एंड ऑर्डर के.एस. अनुपम के मुताबिक जमुई थाने में BNSS की धारा 128, 74 और 75 के साथ POCSO एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है और इसकी निगरानी जमुई SDPO के नेतृत्व में की जा रही है।
पुलिस अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार घटना में शामिल पाए जाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो को लेकर भी पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने वायरल वीडियो के प्रसार को लेकर भी कार्रवाई शुरू की है। ADG के मुताबिक अब तक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 X अकाउंट्स के खिलाफ टेकडाउन कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान या चेहरा उजागर करने वाला वीडियो प्रसारित करना भी कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मामले का संज्ञान राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लिया है। आयोग ने बिहार के DGP से घटना और अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। आयोग की ओर से जमुई SP को भी पत्र भेजे जाने की बात सामने आई है।
घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
घटना के बाद बिहार की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी नेताओं ने मामले को लेकर सरकार से जवाबदेही और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोपियों पर POCSO के तहत कार्रवाई और जल्द सजा की मांग की है।
वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से भी आरोपियों पर कार्रवाई की बात कही गई है। JDU नेता नवल शर्मा ने कहा कि बिहार में मॉब जस्टिस की कोई जगह नहीं है और दोषियों पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
अब तक क्या-क्या हुआ?
- 19 सितंबर: जमुई में घटना होने की जानकारी।
- 20 सितंबर: वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया और पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया।
- 21 सितंबर: पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी।
- 21 सितंबर: मामले में POCSO समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज होने की पुष्टि।
- 21 सितंबर: जांच के लिए SIT गठित की गई।
- 21 सितंबर: राष्ट्रीय महिला आयोग ने DGP से रिपोर्ट मांगी।
- पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है।
